दिल की बीमारी यानी हार्ट अटैक क्या होती है और इसको कैसे ठीक करें जाने By Dr. saroj kumar

 नमस्कार दोस्तों मेरा नाम सरोज कुमार है। मेरे प्यारे दोस्तों मैं आज आपको हार्ट यानी दिल के बारे में बताऊंगा। हार्ट हमारे शरीर का एक महत्वपूर्ण एवं नाजुक भाग है। रात दिन यानी की 24 घंटे चलता रहता है। हर समय धरकता रहता है। इसलिए हार्ट की हमें  बहुत केयर की जरुरत है। लेकिन आज कल की इतनी बिजी लाइफ हो गई है और खान पान ऐसा हो गया है की उसकी बजह से लोग अपने शरीर का ध्यान नहीं रख पा रहे है। जिसके कारण हार्ट की बीमारियां दिन - प्रतदिन  बढाती जा रही है। ये पोस्ट लिखने का मेरा ख्याल आया इसलिए की 29 सितम्बर को हार्ट दिवस मनाया जाता है जो की वर्ल्ड हार्ट day था। तो मेरा मूड हुआ की क्यों न मैं भी लोगों को हार्ट के ऊपर बताऊ। बहुत से लोग ऐसे है की हार्ट की केयर नहीं कर पाने के कारन और डॉक्टर के पास भी टाइम न मिल पाने के कारन उनको पता भी नहीं लग पा रही है कली उनको हार्ट की बीमारी है। तो हम घर पर ही बैठ कर बिना डॉक्टर के पास जाये भी थोड़ा बहुत आईडिया लगा सकते है। की कहीं हार्ट की कोई बीमारी भी तो नहीं है। 

तो मैं आपको कुछ ऐसे आठ तरीका बताऊंगा जिनसे आप घर बैठे ही डाइगोनोस्टिक कर सकते है। की हमको हार्ट की कोई बीमारी तो नहीं है। 

तो दोस्तों बात करते है ऐसे कुछ थोड़े बहुत हार्ट के लक्षण जो की हार्ट के पेशेंट को वैसे ही नजर आ जाते है। जैसे की वह ज्यादा चलने लगेगा तो उसकी साँस फूलने लगेगी। चलने - फिरने से सीने में दर्द करने लगता है और इसके अलावा कई बार उसको भूख नहीं लगता है । कई बार उसको हांथो में पैरों  खासकर पैरों में सूजन आ जाती है। उसको दवा कर देखेंगे तो अडिमा के तरह उसको पीठ बन जाता है। तो इस तरह के कुछ लक्षण आने से भी लग जाट हैं की हाँ भाई यह हार्ट के पेशेंट है। और अगर फिर भी ऐसा डाउट हो रहा हो तो हम आपको कुछ ऐसे टेस्ट बता रहा हूँ जिसे आप करा कर दिखा सकते है। 

अगर आपके पैरो में इस तरह के लक्षण है तो तुरंत डॉक्टर से मिले 

जैसे की सबसे पहला ये टेस्ट है की उस पेशेंट से हमें कहना है की जाओ भाई सीढ़ी चढ़ो अगर वो एक मिनट में 50 से 60 सीढियाँ आराम से चढ़ लेता है तो उसका मतलब उसका रिपोर्ट ठीक है। इसका मतलब उसको हार्ट की बीमारी होने का खतरा नहीं है।

 एक हेल्थ ब्राइट वेबसाइट  है और उसके हिसाब से हर्ड के टेस्ट के लिए एक बर्तन में ठंडा पानी ले ले और उसमें कुछ बर्फ के टुकड़े दाल ले। और बर्फ के टुकड़े डालने के बाद हमको जिस पेशेंट को हार्ट का टेस्ट करना है उसको कहें की इस ठन्डे बर्फ के पानी में अपना उंगली डालें। पानी में उंगली डालने के बाद दो रिजल्ट आएगा। उंगलिया रेड हो जायेंगे या ब्लू हो जायेगा। उंगली रेड होती है तो इसका मतलब रिपोर्ट ठीक है। और अगर उंगली ब्लू होती है तो इसका मतलब पेशेंट को हार्ट का शिकायत है। यानी की उसके ब्लड सर्कुलेशन में कोई न कोई दिक्कत है। या हो सकता है की RBC में ऑक्सीजन का लेवल काम हो सकता है। 

इसके अलावा लेंथ से भी टेस्ट क्र सकते है। यानी की एवरेज लेंथ जो है ,एक men की की लेंथ 5 फुट 9 इंच होती है और women की एवरेज लेंथ 5 फुट 3 इंच होती है। अगर इस एवरेज लेंथ से 2 .5 इंच लेंथ कम है तो हार्ट डेसेस होने की सम्भांवना बढ़ जाती है। इसके अलावा हम एक मोटापे से भी हार्ट की बीमारी का चेक करते है। जैसे की जो मोटे लोग है। तो उसमें ये देखा जाता है की उसकी कमर का साइज अगर कुल की साइज से ज्यादा बड़ाहै तो ऐसे लोग हार्ट की पेशेंट ज्यादा होते है। 

इसके अलावा एक टेस्ट और है  की बैठकर उठाने में का टेस्ट यानी की पेशेंट को हम खरा करे और उसको बोले एक साथ पालथी मारकर बैठ जाए और उसको बोले की दुबारा खरा हो जाए तो अगर वो पेशेंट बिना किसी सहारे के आराम से खरा हो जाए तो इसका मतलब उसका रिपोर्ट बिलकुल साडी है। उस पेशेंट को हार्ट की बीमारी की संभावना नहीं है।

 इसके अल्वा एक टेस्ट और है जिनका हार्ट  स्ट्रांग होगा मजबूत होगा। कोई बिमारी नहीं होगा। उनलोगों को सब कुछ अच्छे होंगे उनका पाकर भी अच्छी होगी तो हार्ट अगर सही है तो उसे उसके लिए टेस्ट है। एक जार ले ले या कोई भी एक ऐसा डब्बा ले ले जिसमें एक ढक्कन लगा हो। छुरी वाला और उसको अच्छी से टाइट करने के बाद आप उसको बोले भाई इस ढक्कन को खोलिये। अगर वो आसानी से ढक्कन खोल देता है तो इसका मतलब उसके हार्ट की रिपोर्ट ठीक है। 

तो दोस्तों अब तक 6 टेस्ट हो गए है। अब मैं आपको सातवां टेस्ट के बारे में बताता  हूँ। हार्ट रेट टेस्ट यानी की हार्ट की ढरकान को टेस्ट किया जाता है। उसको हम घर पर टेस्ट कर सकते है। जब डॉक्टर लोग घर पर आता है तो पाल्स देखता है तो वो हार्ट टेस्ट करते है। तो आप खरीद कर के भी करि से हाँथ में टेस्ट कर सकते है और कड़ी को फिंगर से पाकर कर रखे और सुनिए की मिनट में धरकन की अवयव कितनी बार आती है। अगर धरकन की आवाज 60 से 100 के बिच में आवाज आती है तो हार्ट ठीक है। 

तो दोस्तों अब हम बात करते है लास्ट टेस्ट यानी की ब्लड प्रेसर टेस्ट की देखिये ब्लड प्रेसर टेस्ट तो आप घर पर ही कर सकते है। आज कल इतनी अच्छी -अच्छी डिजिटल मशीन आ गई है की स्क्रीन पर लिखी हुई रीडिंग आ जाती है और इसमें दो तरह की रीडिंग होती है। एक होती है सिस्टोलिक रीडिंग और एक होती है डायास्टोलिक रीडिंग। systolic :less then 120 mm Hg और Diastolic :less then 80 mm Hg होनी चहिये तो दोस्तों मैंने इस पोस्ट में आपको बताया हूँ की अगर आपको बिजी लाइफ में टाइम नहीं है तो अगर आपको लग रहा है की कहीं हार्ट की बिमारी न हो और आप चाह रहे है की आप घर पर ही बैठे टेस्ट करना चाहते है। इसके लिए मैंने आपको कुछ आठ टेस्ट बताया हूँ जिसमे आप आपने हार्ट को टेस्ट कर सकते है अगर इस टेस्ट से लग रहा है की आप हार्ट के पेशेंट है तो आप एक अच्छे कार्डियोलॉजी से मिले और डॉक्टर जो भी ट्रीटमेंट दे तो आप जरूर ले और उसको फॉलो करें। और अपना इलाज करें। 
तो दोस्तों ये पोस्ट मेरा यहीं End होता है अगर हार्ट से सम्बंधित कोई सवाल पूछना है तो आप मेरे कमेंट बॉक्स में जरूर कमेंट करें धन्यबाद। 


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